🐄 राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) – हिंदी में पूरी जानकारी
📌 योजना का उद्देश्य
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के मुख्य उद्देश्य हैं:
देशी गाय-भैंस की नस्लों का संरक्षण और सुधार
गोवंश की उत्पादकता बढ़ाना (दूध उत्पादन)
कृत्रिम गर्भाधान (AI) और उन्नत प्रजनन तकनीक को बढ़ावा
किसानों/पशुपालकों की आय में वृद्धि
दुग्ध क्षेत्र को आधुनिक और टिकाऊ बनाना
🏛️ योजना की शुरुआत
शुरुआत: दिसंबर 2014
मंत्रालय: मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार
🐮 RGM के प्रमुख घटक (Components)
1️⃣ गोकुल ग्राम (Gokul Gram)
देशी नस्लों के लिए
प्रजनन
संरक्षण
वैज्ञानिक प्रबंधन
एकीकृत पशुधन विकास केंद्र
2️⃣ नस्ल सुधार कार्यक्रम
उन्नत कृत्रिम गर्भाधान (AI)
सेक्स सॉर्टेड सीमेन (Sex Sorted Semen)
उच्च गुणवत्ता सीमेन स्टेशनों की स्थापना
3️⃣ राष्ट्रीय गोकुल मिशन – नस्ल संवर्धन
गिर, साहीवाल, थारपारकर, राठी आदि
देशी नस्लों का पंजीकरण और रिकॉर्डिंग
4️⃣ पशुधन पहचान (Animal Identification)
टैगिंग और डेटाबेस
उत्पादन व स्वास्थ्य की निगरानी
👨🌾 पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ ले सकते हैं:
पशुपालक / डेयरी किसान
किसान समूह / डेयरी सहकारी समितियाँ
स्वयं सहायता समूह (SHG)
राज्य सरकार / डेयरी संस्थाएँ
💰 वित्तीय सहायता / लाभ
नस्ल सुधार और AI सेवाओं पर सरकारी सहायता
सीमेन, टैगिंग, प्रशिक्षण पर सब्सिडी
गोकुल ग्राम एवं सीमेन स्टेशन के लिए अनुदान
कई सेवाएँ मुफ़्त या कम लागत पर
(सहायता राशि घटक व राज्य के अनुसार अलग हो सकती है)
📑 आवश्यक दस्तावेज़
आधार कार्ड
पशु विवरण
बैंक खाता
मोबाइल नंबर
📝 आवेदन / लाभ कैसे लें?
नजदीकी पशुपालन विभाग / पशु चिकित्सालय से संपर्क
राज्य सरकार द्वारा संचालित RGM कार्यक्रमों में पंजीकरण
डेयरी सहकारी समिति के माध्यम से भी लाभ
🌟 राष्ट्रीय गोकुल मिशन के फायदे
✔️ देशी नस्लों का संरक्षण
✔️ दूध उत्पादन में वृद्धि
✔️ पशुओं का बेहतर स्वास्थ्य
✔️ किसानों की आय में बढ़ोतरी
✔️ टिकाऊ डेयरी विकास
🐄 प्रमुख देशी नस्लें (उदाहरण)
गाय: गिर, साहीवाल, थारपारकर, राठी
भैंस: मुर्रा, जाफराबादी, नीली-रावी
Thanks
